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गुजरे ज़माने की बाते थी. अब कीचड़ में कहां कमल खिलते है न एकलवय मिलते न दृाेण मीलते है खून को गरीबो का सब तैयार रहते है बाते हक की जब अ...
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इजाजत तो हमने भी नही दी थी मोहब्बत करने की उन्हें.. ❣ बस वो नजर उठाते गए और हम तबाह होते गए..
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जहां हो, जैसे हो, वहीं ....वैसे ही रहना तुम , तुम्हें पाना जरुरी नहीं....तुम्हारा होना ही काफी है.....
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सुनो जान 💖 तुम्हें भूल जाने की कसम खाते तो है ~~ मगर पहले याद आती है फिर आँसू आतें है और फिर कसम ~ टूट जाती है 💝❗
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"हम रिश्तों को और अधिक बेहतरीन बना सकते हैं, "अपनी सोच में छोटा सा बदलाव करके,..."कि सामने वाला गलत नही है,..."सिर्फ ह...
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मत उलझ ए दोस्त मुझे गम देने कि चाह में मुझमें हौसला है मै मुस्कुरा के निकल जाऊँगा।।
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जब तुम में कमियां निकालने लगे कोई तो समझ लेना वो # बेवफा होने वाला है।।
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दुनिया में तीन लोग बहुत प्यारे और अच्छे हैं...!! एक.. मैं...!!☺ दुसरा.. मेरे माता पिता की संतान...यानि के मैं...!!☺ और तिसरा.. आपका द...
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हर एक बॉय की दिल की ख्वाइश होती है ?……..खुद कितने बड़े कमिने होंगे पर लड़की शरीफ ही चाहिए !!
Tuesday, 17 April 2018
Tuesday, 19 April 2016
आज एक नई सीख़ मिली जब अँगूर खरीदने बाजार गया ।
पूछा "क्या भाव है?
बोला : "80 रूपये किलो ।"
पास ही कुछ अलग-अलग टूटे हुए अंगूरों के दाने पडे थे ।
मैंने पूछा : "क्या भाव है इनका ?"
वो बोला : "30 रूपये किलो"
मैंने पूछा : "इतना कम दाम क्यों..?
वो बोला : "साहब, हैं तो ये भी बहुत बढीया..!!
लेकिन .....अपने गुच्छे से टूट गए हैं ।"
मैं समझ गया कि अपने....संगठन...समाज और परिवार से अलग होने पर हमारी कीमत..........आधे से भी कम रह जाती है।
इसलिए संगठित रहो सशक्त बनो।
पूछा "क्या भाव है?
बोला : "80 रूपये किलो ।"
पास ही कुछ अलग-अलग टूटे हुए अंगूरों के दाने पडे थे ।
मैंने पूछा : "क्या भाव है इनका ?"
वो बोला : "30 रूपये किलो"
मैंने पूछा : "इतना कम दाम क्यों..?
वो बोला : "साहब, हैं तो ये भी बहुत बढीया..!!
लेकिन .....अपने गुच्छे से टूट गए हैं ।"
मैं समझ गया कि अपने....संगठन...समाज और परिवार से अलग होने पर हमारी कीमत..........आधे से भी कम रह जाती है।
इसलिए संगठित रहो सशक्त बनो।
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